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कलेक्ट्रेट के पास स्थित फौजी कालोनी में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय रहवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा ।

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कलेक्ट्रेट के पास स्थित फौजी कालोनी में जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय रहवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा ।

धमतरी, 28 अप्रैल । गर्मी के मौसम में जहां एक-एक बूंद पानी की अहमियत बढ़ जाती है, वहीं सिंचाई विभाग द्वारा निस्तार के लिए छोड़ा गया पानी अब शहर और ग्रामीण इलाकों में परेशानी का कारण बनता जा रहा है। कलेक्ट्रेट के पास स्थित फौजी कालोनी में पिछले कई दिनों से जलभराव की स्थिति बनी हुई है, जिससे स्थानीय रहवासियों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है।

कालोनी के निवासियों नितेश साहू, लोमेश देवांगन, विजय साहू सहित अन्य लोगों ने आज मंगलवार काे बताया कि निस्तारी के लिए छोड़ा गया पानी कॉलोनी के कई हिस्सों में भर गया है। इसके चलते आवाजाही बाधित हो गई है और खासकर दोपहिया वाहन चालकों के लिए फिसलकर गिरने का खतरा बना हुआ है। रहवासियों का कहना है कि उन्होंने कई बार संबंधित विभाग को इसकी सूचना दी, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि नहर और नालियों की नियमित सफाई व मरम्मत की जाए, ताकि पानी सही दिशा में बह सके और इस तरह की स्थिति से बचा जा सके। उनका कहना है कि यदि व्यवस्था ठीक रहे तो पानी अपने गंतव्य तक पहुंचेगा और शहर में जलभराव जैसी समस्या नहीं होगी। यह समस्या नई नहीं है। हर साल जब रविशंकर जलाशय (गंगरेल बांध) से निस्तार के लिए पानी छोड़ा जाता है, तब इसी तरह की स्थिति निर्मित होती है। बावजूद इसके नहरों और नालियों की सफाई व मरम्मत पर अपेक्षित ध्यान नहीं दिया जाता, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को भुगतना पड़ता है। शहर ही नहीं, ग्रामीण क्षेत्रों में भी हालात गंभीर हैं। नगरी ब्लाक के कई खेतों में पिछले एक सप्ताह से पानी भरा हुआ है, जिससे किसानों की फसलें बर्बाद हो रही हैं। ग्राम गोरेगांव के किसान लेखराज साहू ने बताया कि उनके खेत में तैयार हो रही कद्दू और अन्य फसल पूरी तरह खराब हो गई है। इस नुकसान से उन्हें लाखों रुपये की क्षति हुई है। उन्होंने मुआवजे के लिए सिंचाई विभाग को पत्र भी भेजा है, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। स्थानीय लोगों और किसानों का कहना है कि गर्मी में जहां पानी की कमी से लोग जूझते हैं, वहीं इस तरह पानी की बर्बादी बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए निस्तारी पानी के प्रबंधन पर कड़े निर्णय लिए जाएं, ताकि भविष्य में ऐसी समस्या दोबारा न हो और लोगों को राहत मिल सके।

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