जकार्ता, 07 जुलाई । प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और इंडोनेशिया के राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के बीच मंगलवार को हुई द्विपक्षीय वार्ता में दोनों देशों ने रक्षा, समुद्री सुरक्षा, व्यापार, निवेश, डिजिटल प्रौद्योगिकी, अंतरिक्ष, ऊर्जा, स्वास्थ्य, कृषि और महत्वपूर्ण खनिजों सहित विभिन्न क्षेत्रों में व्यापक रणनीतिक साझेदारी को नई गति देने पर सहमति व्यक्त की। दोनों नेताओं ने मुक्त, समावेशी और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई।
प्रधानमंत्री मोदी की राजकीय यात्रा के दौरान इस्ताना मर्देका (राष्ट्रपति भवन) में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने उनका औपचारिक स्वागत किया और उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर प्रदान किया गया। जनवरी 2025 में भारत के 76वें गणतंत्र दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो की भारत यात्रा के बाद दोनों नेताओं की यह पहली द्विपक्षीय बैठक थी।
दोनों नेताओं के बीच सीमित और प्रतिनिधिमंडल स्तर की वार्ता हुई, जिसमें व्यापार एवं निवेश, रक्षा एवं सुरक्षा, समुद्री सहयोग, डिजिटल और वित्तीय प्रौद्योगिकी, ऊर्जा, स्वास्थ्य एवं औषधि, अंतरिक्ष, महत्वपूर्ण खनिज एवं रेयर अर्थ, संस्कृति, पर्यटन, कृषि तथा जन-से-जन संपर्क सहित व्यापक रणनीतिक साझेदारी के सभी पहलुओं की समीक्षा की गई।
वार्ता के दौरान दोनों नेताओं ने भारत के ओपन नेटवर्क फॉर डिजिटल कॉमर्स (ओएनडीसी) की तर्ज पर इंडोनेशिया ओपन नेटवर्क (आईओएन) की शुरुआत का स्वागत किया। प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2027 में गुरुदेव रवीन्द्रनाथ टैगोर की इंडोनेशिया यात्रा के 100 वर्ष पूरे होने के अवसर पर दोनों देशों द्वारा संयुक्त रूप से 'टैगोर-देवांतरा सांस्कृतिक एवं शैक्षिक कूटनीति वर्ष' मनाने की घोषणा भी की।
दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय और वैश्विक मुद्दों पर भी विचारों का आदान-प्रदान किया तथा आसियान-भारत व्यापक रणनीतिक साझेदारी को और मजबूत करने पर चर्चा की। उन्होंने मुक्त, खुला और नियम-आधारित हिंद-प्रशांत क्षेत्र के प्रति अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। इस अवसर पर प्रधानमंत्री मोदी ने भारत के 'महासागर' (म्यूचुअल एंड होलिस्टिक एडवांसमेंट फॉर सिक्योरिटी एंड ग्रोथ अक्रॉस रीजन) दृष्टिकोण की भी जानकारी दी। राष्ट्रपति प्रबोवो ने वर्ष 2026 में ब्रिक्स की भारत की अध्यक्षता के लिए पूर्ण समर्थन का आश्वासन दिया।
वार्ता के बाद दोनों नेताओं की उपस्थिति में रक्षा, महत्वपूर्ण खनिज एवं रेयर अर्थ, विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी, शिक्षा, निर्वाचन सहयोग, दूरसंचार, कृषि, समुद्री सुरक्षा, अंतरिक्ष, इस्पात आपूर्ति श्रृंखला, आपदा प्रबंधन, चिकित्सा उत्पाद नियमन और स्वास्थ्य कार्यबल सहयोग सहित विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े समझौता ज्ञापनों का आदान-प्रदान किया गया। इसके अलावा योग्यकार्ता स्थित यूनेस्को विश्व धरोहर प्रम्बानन मंदिर परिसर के संरक्षण और पुनरुद्धार में भारत के सहयोग संबंधी आशय पत्र का भी आदान-प्रदान हुआ।
वार्ता के बाद राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने प्रधानमंत्री मोदी के सम्मान में भोज का आयोजन किया। प्रधानमंत्री ने गर्मजोशीपूर्ण आतिथ्य के लिए राष्ट्रपति का आभार व्यक्त करते हुए उन्हें भारत आने का निमंत्रण दिया।







