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आर्मी इन्फोटेक ने निवेशकों को किया निराश, कमजोर लिस्टिंग के बाद और लुढ़के शेयर


व्यापार 30 September 2026
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आर्मी इन्फोटेक ने निवेशकों को किया निराश, कमजोर लिस्टिंग के बाद और लुढ़के शेयर

नई दिल्ली, 30 सितंबर । एंड टू एंड आईटी इंफ्रास्ट्रक्चर, आईटी मैनेज्ड सर्विसेज और रिन्यूएबल एनर्जी सेक्टर में काम करने वाली कंपनी आर्मी इन्फोटेक लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में कमजोरी के साथ एंट्री कर अपने आईपीओ निवेशकों को निराश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 375 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 1.642 प्रतिशत डिस्काउंट के साथ 368.85 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग बिना किसी बदलाव के 375 रुपये के स्तर पर हुई।

कमजोर लिस्टिंग के बाद खरीदारों ने आईपीओ निवेशकों को तब और झटका लगा, जब इस शेयर की बिकवाली शुरू हो गई। लगातार हो रही बिकवाली के कारण ये शेयर गिर कर 306.45 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में मामूली लिवाली होने पर इसकी स्थिति में कुछ सुधार भी हुआ। बाजार में लगातार जारी खरीद बिक्री के बीच सुबह 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 313.55 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशक प्रति शेयर 61.45 रुपये यानी 16.39 प्रतिशत के नुकसान में थे।

इस कंपनी का 300 करोड़ रुपये का आईपीओ 23 से 25 सितंबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से एवरेज रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 2.62 गुना सब्सक्राइब हो सका था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 3.20 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 2.24 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 2.65 गुना सब्सक्राइब हुआ था।

इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 80 लाख नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ में शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी नए प्रोजेक्ट वर्क का विस्तार करने, वर्किंग कैपिटल की जरूरतों को पूरा करने, पुराने कर्ज के बोझ को कम करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।

आर्मी इन्फोटेक की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (आरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत में उतार चढ़ाव होता रहा है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 50.13 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में घट कर 41.67 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का शुद्ध लाभ उछल कर 45.47 करोड़ रुपये हो गया।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 1,023.99 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 1,315.78 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी की राजस्व प्राप्ति उछल कर 1,410.09 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गई।

इस अवधि में कंपनी पर लदे कर्ज के बोझ में लगातार बढ़ोतरी होती रही। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 27.26 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 48.10 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। इसके अगले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस वित्त वर्ष के दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ उछल कर 174.36 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

कंपनी के नेटवर्थ में भी इस अवधि में बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी का नेटवर्थ 95.18 करोड़ रुपये के स्तर पर था। इसके अगले वित्त वर्ष 2024-25 में ये बढ़ कर 136.67 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 की बात करें, तो इस दौरान कंपनी का नेटवर्थ उछल कर 182.18 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2023-24 में 71.58 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में घट कर 58.64 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में 75.64 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

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