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ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता


देश 18 October 2026
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ग्वालियर हादसे पर मुख्यमंत्री मोहन यादव ने जताया दुख, मृतकों के परिजनों को 4-4 लाख रुपये की सहायता

 ग्वालियर, 18 अक्टूबर । मध्य प्रदेश के ग्वालियर में शीतला माता मंदिर के पास श्रद्धालुओं को रौंदते हुए पहुंचे बेकाबू ट्रक ने 14 लोगों की जान ले ली। सप्तमी पर देवी दर्शन के लिए पहुंचे श्रद्धालुओं के बीच आधी रात के बाद हुए इस हादसे से पूरे प्रदेश में शोक की लहर है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने घटना पर गहरा दुख व्यक्त करते हुए मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये, गंभीर घायलों को दो-दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50-50 हजार रुपये की आर्थिक सहायता देने की घोषणा की है।

इसके साथ ही उन्होंने सभी घायलों का नि:शुल्क उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए हैं। प्रभावित परिवार ग्वालियर, शिवपुरी और श्योपुर के रहने वाले हैं। मुख्यमंत्री ने मंत्री ऐदल सिंह कंसाना और राकेश शुक्ला को ग्वालियर पहुंचने के निर्देश दिए हैं। हादसे में बच्चों, किशोरों, महिलाओं और बुजुर्गों की मौत ने धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सुरक्षा और यातायात प्रबंधन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।

मुख्यमंत्री बोले, दुख की घड़ी में सरकार प्रभावित परिवारों के साथः मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने एक्स पर हादसे को अत्यंत हृदयविदारक बताते हुए शोक संतप्त परिवारों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। उन्होंने लिखा, “ग्वालियर में हुए ट्रक हादसे में श्रद्धालुओं की मृत्यु का समाचार अत्यंत हृदयविदारक है। इस दुःख की घड़ी में राज्य सरकार सभी प्रभावित परिवारों के साथ है। सभी मृतकों के परिजनों के प्रति मेरी संवेदनाएं हैं।”

मुख्यमंत्री ने राज्य शासन की ओर से आर्थिक सहायता की घोषणा करते हुए घायलों के समुचित उपचार के निर्देश दिए। सरकार के अनुसार, मृतकों के प्रत्येक परिवार को चार लाख रुपये, गंभीर रूप से घायलों को दो लाख रुपये और अन्य घायलों को 50 हजार रुपये की सहायता दी जाएगी। सभी घायलों का उपचार नि:शुल्क कराया जाएगा। प्रभावित परिवारों को राहत पहुंचाने के लिए दो मंत्रियों को घटनास्थल पर पहुंचने के निर्देश भी दिए गए हैं।

मुख्यमंत्री ने अपने संदेश में बाबा महाकाल से दिवंगतों को श्रीचरणों में स्थान देने, शोकाकुल परिजनों को इस गहन दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने और घायलों को शीघ्र स्वास्थ्य लाभ देने की प्रार्थना की। उन्होंने संदेश का समापन ‘ॐ शांति’ के साथ किया।

आधी रात के बाद मौत बनकर पहुंचा ट्रकः हादसा शनिवार और रविवार की दरमियानी रात करीब डेढ़ बजे चीनौर रोड की ढलान के पास हुआ। सप्तमी के अवसर पर शीतला माता मंदिर में दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे थे। मंदिर के आसपास प्रसाद और पूजा सामग्री की दुकानें लगी थीं। इसी दौरान चीनौर की ओर से आ रहा भारी सामान से लदा ट्रक ढलान पर अनियंत्रित हो गया।

प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, ट्रक रास्ते में लगाए गए पुलिस के स्टॉपर तोड़ता हुआ आगे बढ़ा। उसने सड़क किनारे लगी दुकानों और श्रद्धालुओं को अपनी चपेट में ले लिया। अंत में वाहन मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार की दीवार से टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि दीवार ढह गई और कई लोग ट्रक तथा मलबे के नीचे दब गए। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। स्थानीय लोगों ने पुलिस और प्रशासन के साथ मिलकर बचाव कार्य शुरू किया और घायलों को अस्पताल पहुंचाया।

जिला प्रशासन ने हादसे में 14 लोगों की मौत की पुष्टि की है। घायलों को विभिन्न अस्पतालों में भर्ती कराया गया है। कुछ घायलों की हालत गंभीर बताई गई है। हादसे के बाद अस्पतालों में परिजन अपनों की तलाश में भटकते रहे। परिवारों के लिए यह धार्मिक पर्व अपूरणीय क्षति और गहरे शोक में बदल गया। मृतकों में किशोरों की मौजूदगी ने हादसे की गंभीरता और बढ़ा दी है। दर्शन के लिए पहुंचे परिवारों के कई सदस्य हादसे की चपेट में आ गए। घायलों की उपलब्ध सूची में भी कई बच्चों, युवाओं और बुजुर्गों के नाम शामिल हैं।

सुरक्षा इंतजामों के बावजूद ट्रक कैसे पहुंचा?

हादसे के बाद सबसे बड़ा सवाल मंदिर मार्ग पर यातायात नियंत्रण और सुरक्षा इंतजामों को लेकर उठ रहा है। पुलिस अधीक्षक धर्मवीर सिंह यादव के अनुसार, श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही रोकने की व्यवस्था की गई थी। इसके बावजूद ट्रक स्टॉपर तोड़कर श्रद्धालुओं के बीच पहुंच गया। हादसे में ड्यूटी पर तैनात दो पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड जवान भी घायल हुए। कलेक्टर रुचिका चौहान के अनुसार, ट्रक ढलान से अनियंत्रित होकर मंदिर की ओर आया और मौके पर स्टॉपर टूटे मिले। दुर्घटना के कारणों तथा सुरक्षा व्यवस्था में संभावित चूक की जांच की जा रही है।

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