केंद्रीय सूचना एवं प्रसारण मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कहा है कि भारत में निर्मित कागज़ आधारित उत्पाद और स्टेशनरी उपकरण अब केवल सामान्य उपयोग की वस्तुएँ नहीं रह गए हैं, बल्कि वे गुणवत्ता, कार्यक्षमता और टिकाऊपन के नए मानक स्थापित कर रहे हैं। उन्होंने इस बात पर विशेष जोर दिया कि “मेक इन इंडिया” के तहत तैयार किए जा रहे उत्पाद आज वैश्विक स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता रखते हैं और युवा उद्यमी इस परिवर्तन को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।
सोशल मीडिया पर साझा किए गए अपने संदेश में वैष्णव ने बताया कि उनकी मुलाकात युवा उद्यमियों अपर्णा और दिनेश से हुई, जो Rhoda Notes के संस्थापक हैं। उन्होंने दोनों उद्यमियों की सराहना करते हुए कहा कि वे भारतीय रचनात्मकता, नवाचार और उद्यमशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत कर रहे हैं। मंत्री ने कहा कि इन युवाओं ने ऐसे उत्पाद तैयार किए हैं जो केवल आकर्षक ही नहीं, बल्कि उपयोग में सुविधाजनक और लंबे समय तक टिकाऊ भी हैं।
अश्विनी वैष्णव ने यह भी कहा कि अच्छी गुणवत्ता वाली स्टेशनरी हमेशा से उनके दिल के करीब रही है। उन्होंने बताया कि लेखन सामग्री, नोटबुक और कागज़ उत्पाद व्यक्ति की रचनात्मकता तथा कार्यक्षमता को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उनके अनुसार, डिजिटल युग में भी उच्च गुणवत्ता वाली स्टेशनरी की अपनी अलग पहचान और महत्व बना हुआ है।
मंत्री ने भारतीय स्टार्टअप संस्कृति की प्रशंसा करते हुए कहा कि आज देश के युवा केवल तकनीकी क्षेत्र में ही नहीं, बल्कि डिजाइन, स्टेशनरी, लाइफस्टाइल और रचनात्मक उद्योगों में भी नए अवसर पैदा कर रहे हैं। उन्होंने विश्वास जताया कि इस प्रकार के नवाचार “आत्मनिर्भर भारत” अभियान को और मजबूती देंगे तथा भारतीय उत्पादों को वैश्विक पहचान दिलाने में मदद करेंगे।
उन्होंने यह भी संकेत दिया कि सरकार ऐसे नवाचारों और स्टार्टअप्स को प्रोत्साहित करने के लिए निरंतर प्रयास कर रही है, ताकि देश में स्थानीय उत्पादन, रोजगार और उद्यमिता को बढ़ावा मिल सके। वैष्णव के अनुसार, भारत के युवा उद्यमियों में विश्व स्तर पर प्रतिस्पर्धा करने की क्षमता है और यदि उन्हें सही अवसर एवं समर्थन मिले तो वे भारतीय ब्रांडों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में नई ऊँचाइयों तक पहुँचा सकते हैं।







