मुंबई में फुटपाथों पर अवैध फेरीवालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) की कमिश्नर अश्विनी भिड़े ने शुक्रवार को साफ कहा कि शहर के फुटपाथ केवल मुंबईकरों के पैदल चलने के लिए हैं और इन्हें किसी भी स्थिति में अतिक्रमण के लिए इस्तेमाल नहीं होने दिया जाएगा।
उन्होंने यह बयान दैनिक नवशक्ति से विशेष बातचीत के दौरान दिया। कमिश्नर ने बताया कि रेलवे स्टेशन के आसपास की सड़कों और भीड़भाड़ वाले इलाकों से अवैध फेरीवालों को हटाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया गया है। इस अभियान का उद्देश्य यात्रियों और आम नागरिकों के लिए रास्तों को सुरक्षित और सुगम बनाना है। उन्होंने कहा कि कई जगहों पर फेरीवालों के कारण पैदल चलने वालों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ता है और यातायात भी प्रभावित होता है।
BMC कमिश्नर के अनुसार, यह कार्रवाई अचानक नहीं है, बल्कि लंबे समय से मिल रही शिकायतों और जमीनी स्थिति को देखते हुए की जा रही है। रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड और प्रमुख बाजार क्षेत्रों में लगातार बढ़ते अतिक्रमण ने प्रशासन के सामने चुनौती खड़ी कर दी थी।
इसी को ध्यान में रखते हुए फील्ड स्तर पर कार्रवाई तेज की गई है। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि फुटपाथों पर अवैध कब्जा किसी भी स्थिति में स्वीकार्य नहीं है। नगर निगम की प्राथमिकता है कि नागरिकों को सुरक्षित पैदल मार्ग उपलब्ध कराया जाए और शहर में यातायात व्यवस्था को बेहतर बनाया जाए। इसके लिए संबंधित विभागों को नियमित रूप से निगरानी और कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सूत्रों के अनुसार, अभियान के तहत कई इलाकों में फेरीवालों को हटाया गया है और कुछ स्थानों पर उनके सामान को भी जब्त किया गया है। प्रशासन का कहना है कि यह अभियान आगे भी जारी रहेगा और जहां जरूरत होगी, वहां पुलिस की मदद भी ली जाएगी। शहर में लंबे समय से फुटपाथ अतिक्रमण एक बड़ी समस्या बनी हुई है, जिससे न केवल पैदल यात्रियों को परेशानी होती है, बल्कि आपात स्थिति में भी आवाजाही बाधित हो जाती है।







