Breaking News

अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर बना मुरब्बा कुछ ही महीनों में काला पड़ जाता है

post

अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर बना मुरब्बा कुछ ही महीनों में काला पड़ जाता है

आयुर्वेद में आंवले को ‘अमृतफल’ कहा गया है, और ऐसा हो भी क्यों न? यह छोटा सा फल विटामिन सी, एंटीऑक्सीडेंट्स और इम्यूनिटी बढ़ाने वाले अनगिनत गुणों का खजाना है. आंवले का सेवन बालों, आंखों और स्किन के लिए किसी वरदान से कम नहीं है. लेकिन इसका कसैला और खट्टा स्वाद हर किसी को पसंद नहीं आता, खासकर बच्चों को. आंवले के गुणों को स्वाद के साथ सालभर सुरक्षित रखने का सबसे बेहतरीन तरीका है आंवले का रसीला मुरब्बा. जब मुरब्बा एकदम गुलाब जामुन की तरह सॉफ्ट, अंदर तक चाशनी से भरा और परफेक्ट बना हो, तो बच्चे हो या बड़े, सब इसे चाव से खाते हैं. अक्सर लोगों की शिकायत होती है कि घर पर बना मुरब्बा कुछ ही महीनों में काला पड़ जाता है, कड़क हो जाता है या उसमें फंगस लग जाती है.

अगर आपके साथ भी ऐसा होता है, तो आज हम आपको दादी-नानी के जमाने का वो परफेक्ट और सीक्रेट तरीका बताने जा रहे हैं, जिससे आपका मुरब्बा सालों-साल खराब नहीं होगा.

परफेक्ट आंवला मुरब्बा के लिए सामग्री (Ingredients)- ताजा आंवला: 1 किलो (बिना दाग-धब्बे वाले, बड़े साइज के) चीनी: 1 किलो (आंवले की मात्रा के बराबर) इलायची पाउडर: 1 छोटा चम्मच (बेहतरीन खुशबू के लिए) केसर के धागे: 10-12 (ऑप्शनल, अच्छे रंग और स्वाद के लिए)

फिटकरी या चूना: एक छोटा टुकड़ा (आंवले का कसैलापन निकालने के लिए) स्टेप-बाय-स्टेप समझें मुरब्बा बनाने का सही तरीका-

स्टेप 1: आंवले की तैयारी और कसैलापन निकालना सबसे पहले आंवले को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें. अब एक बड़े बर्तन में पानी लें और उसमें थोड़ा सा चूना या फिटकरी पाउडर मिला दें. इस पानी में आंवले को रातभर (कम से कम 10-12 घंटे) के लिए भिगोकर छोड़ दें. ऐसा करने से आंवले का कसैलापन पूरी तरह निकल जाता है. अगली सुबह आंवले को साफ पानी से 2-3 बार धो लें.

स्टेप 2: प्रिकिंग (गोदना) है सबसे जरूरी अब एक फॉर्क (कांटा चम्मच) लें और हर आंवले में गहराई तक अच्छी तरह छेद (Prick) करें. ध्यान रहे कि छेद अंदर गुठली तक जाने चाहिए. इसी से चाशनी आंवले के अंदर तक जाएगी और वो एकदम रसीला बनेगा. गोदने के बाद आंवलों को एक सूती कपड़े पर फैलाकर 1 घंटे के लिए सुखा लें ताकि उसका एक्स्ट्रा पानी सूख जाए.

स्टेप 3: आंवला और चीनी को मिलाना अब एक भारी तले की कड़ाही या स्टील का बर्तन लें (एल्युमिनियम या लोहे के बर्तन का इस्तेमाल बिल्कुल न करें). इसमें आंवले और चीनी को एक साथ मिला दें. आपको पानी बिल्कुल नहीं डालना है. इसे धीमी आंच पर गैस पर रख दें. जैसे-जैसे चीनी गर्म होगी, आंवले के रस के साथ मिलकर वह अपने आप पिघलने लगेगी.

स्टेप 4: धीमी आंच पर पकाएं जब चीनी पूरी तरह पिघल जाए और चाशनी बन जाए, तब आंच को मीडियम से लो के बीच रखें. इसे तब तक पकने दें जब तक कि चाशनी गाढ़ी (शहद जैसी) न हो जाए और आंवलों का रंग बदलकर गहरा सुनहरा (ट्रांसपेरेंट) न हो जाए. इसमें लगभग 30 से 40 मिनट का समय लगेगा. आखिर में इलायची पाउडर और केसर डालकर मिलाएं और गैस बंद कर दें.

सालों तक फ्रेश रखने के सीक्रेट टिप्स (Storage Hacks)-

1.कांच के बर्तन का इस्तेमाल: मुरब्बा पूरी तरह ठंडा होने के बाद ही उसे कांच के साफ और सूखे जार में भरें. प्लास्टिक या मेटल के डिब्बों में मुरब्बा जल्दी खराब होता है. 2.पानी से बचाएं: जब भी मुरब्बा निकालें, हमेशा सूखे चम्मच का इस्तेमाल करें. नमी या पानी की एक बूंद भी मुरब्बे में फंगस लगा सकती है.

You might also like!


RAIPUR WEATHER