नई दिल्ली, 03 नवंबर । वायर, केबल और अंडरग्राउंड पाइपलाइनों में इस्तेमाल होने वाले विशेष पॉलीमर कंपाउंड का निर्माण करने वाली कंपनी बीएलएस पॉलीमर्स लिमिटेड के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 150 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 62.70 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 244.10 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर इसकी लिस्टिंग 65.30 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 248 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 285 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि इसके बाद मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये ऊपरी स्तर से नीचे गिर कर 225 रुपये के स्तर तक भी कुछ देर के लिए पहूंच गया। इसके बाद खरीदारों ने एक बार फिर लिवाली शुरू कर दी, जिससे इसके स्तर में सुधार होने लगा। बाजार में लगातार जारी लिवाली और बिकवाली के बीच दोपहर दो बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 263.45 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहा था। इस तरह अभी तक के कारोबार में कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 113.45 रुपये यानी 75.63 प्रतिशत का फायदा हो गया है।
इस कंपनी का 255 करोड़ रुपये का आईपीओ 27 से 29 अक्टूबर के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से जबरदस्त रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 167.10 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 199.32 गुना (एक्स एंकर) सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 554.79 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 124.86 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 10 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 1.70 करोड़ नए शेयर जारी किए गए हैं। आईपीओ के तहत शेयरों की बिक्री से जुटाए गए इस पैसे में से 77.56 करोड़ रुपये का इस्तेमाल कंपनी अपनी मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटी के विस्तार और उत्पादन क्षमता बढ़ाने के लिए कैपिटेल एक्सपेंडिचर के रूप में करेगी। इसके अलावा 89.50 करोड़ रुपये वर्किंग कैपिटल की जरुरतों को पूरा करने और शेष राशि सामान्य कॉर्पोरेट उद्देश्यों के लिए उपयोग की जाएगी।
बीएलएस पॉलीमर्स लिमिटेड की वित्तीय स्थिति की बात करें, तो कंपनी द्वारा सेबी के पास जमा किए गए रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस में दी गई जानकारी के अनुसार कंपनी की वित्तीय सेहत में पिछले वित्त वर्षों के दौरान शानदार सुधार हुआ है। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 21.14 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ (प्रॉफिट आफ्टर टैक्स) हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 28 प्रतिशत की बढ़त के साथ 27.01 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 10.23 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका था।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार भारी बढ़ोतरी दर्ज की गई। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी को 336.70 करोड़ रुपये का कुल राजस्व (टोटल इनकम) प्राप्त हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में 5 प्रतिशत की बढ़त के साथ 354.41 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी को 107.81 करोड़ रुपये का कुल राजस्व प्राप्त हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के विस्तार के साथ उस पर लदे कर्ज के बोझ में कमी देखने को मिली है, हालांकि हालिया तिमाही में यह थोड़ा बढ़ा है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी पर कुल 73.92 करोड़ रुपये का कर्ज था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 में घटकर 51.72 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून 2026 तक कंपनी पर कुल 62.91 करोड़ रुपये का कर्ज दर्ज किया गया था।
कंपनी की कुल संपत्ति (टोटल एसेट्स) में भी इस दौरान मजबूती बनी रही। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी की कुल संपत्ति 179.14 करोड़ रुपये के स्तर पर थी, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 206.13 करोड़ रुपये हो गई। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून 2026 तक कंपनी की कुल संपत्ति 231.34 करोड़ रुपये दर्ज की गई।
रिजर्व और सरप्लस की बात करें, तो कंपनी ने इस मोर्चे पर भी उतार-चढ़ाव के बीच मजबूती बनाई है। वित्त वर्ष 2024-25 के अंत में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 58.34 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो अगले वित्त वर्ष 2025-26 के अंत में थोड़ा घटकर 49.90 करोड़ रुपये रहा। हालांकि, मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही यानी 30 जून तक यह दोबारा शानदार सुधार के साथ 60.14 करोड़ रुपये हो चुका था।
इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बड़ा इजाफा दर्ज किया गया। वित्त वर्ष 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 67.94 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो वित्त वर्ष 2025-26 में बढ़कर 94.93 करोड़ रुपये हो गया। मौजूदा वित्त वर्ष 2026-27 की पहली तिमाही के अंत यानी 30 जून तक कंपनी का नेटवर्थ 105.17 करोड़ रुपये दर्ज किया गया।







