महाराष्ट्र- मुंबई 29 अप्रैल: ट्रैफिक पुलिस द्वारा जारी एक नोटिफिकेशन के अनुसार, लंबे समय से प्रतीक्षित यशवंतराव चव्हाण मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे का ‘मिसिंग लिंक’ हिस्सा 1 मई से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। इस नए रूट के शुरू होने से मुंबई और पुणे के बीच यात्रा समय और ट्रैफिक दबाव में कमी आने की उम्मीद है। हालांकि, शुरुआत में इस मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों को अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रैफिक पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती चरण में केवल हल्के मोटर वाहन (LMV) और पैसेंजर बसों को ही इस नए सेक्शन से गुजरने की अनुमति होगी। भारी मालवाहक वाहनों की एंट्री फिलहाल पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगी।
यह फैसला सुरक्षा और तकनीकी परीक्षण को ध्यान में रखते हुए लिया गया है। नोटिफिकेशन के अनुसार, टनल सेक्शन और नए विकसित हिस्से में यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने तथा तकनीकी पहलुओं की जांच के लिए इसे चरणबद्ध तरीके से खोला जाएगा। अधिकारियों का मानना है कि इससे किसी भी संभावित जोखिम को कम किया जा सकेगा। पहले चरण के तहत यह व्यवस्था 1 मई से 31 अक्टूबर तक लागू रहेगी। इस दौरान केवल हल्के वाहन और यात्री बसें ही इस मार्ग का उपयोग कर सकेंगी। मालवाहक वाहनों पर पूरी तरह से रोक जारी रहेगी।
इसके बाद 1 नवंबर से इस परियोजना का रिव्यू किया जाएगा। छह महीने के संचालन और सुरक्षा रिपोर्ट का मूल्यांकन करने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि मालवाहक वाहनों को भी इस मार्ग पर अनुमति दी जाए या नहीं। यह निर्णय ट्रैफिक स्थिति, सुरक्षा मानकों और तकनीकी प्रदर्शन के आधार पर लिया जाएगा। ट्रैफिक पुलिस और संबंधित विभागों का कहना है कि यह ‘मिसिंग लिंक’ परियोजना मुंबई–पुणे एक्सप्रेसवे पर यातायात को काफी हद तक सुगम बनाएगी। अभी तक इस हिस्से में टनल और नए मार्ग के कारण काम पूरा होने के बाद भी इसे सुरक्षित संचालन के लिए परीक्षण की जरूरत थी। अधिकारियों के अनुसार, इस चरणबद्ध शुरुआत से यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि यात्रियों को सुरक्षित और सुचारु यात्रा अनुभव मिले। साथ ही, सड़क ढांचे की वास्तविक क्षमता का भी मूल्यांकन किया जा सकेगा। इस परियोजना को महाराष्ट्र के बुनियादी ढांचे के लिए एक महत्वपूर्ण विकास माना जा रहा है, जो आने वाले समय में दोनों प्रमुख शहरों के बीच कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाएगा।







