महाराष्ट्र मुंबई 01 मई: बृहन्मुंबई महानगरपालिका (BMC) द्वारा पेश किए गए एक महत्वपूर्ण प्रस्ताव को हाल ही में उसकी इम्प्रूवमेंट कमिटी ने मंजूरी दे दी है। इस प्रस्ताव में नौ मीटर से कम चौड़ी सड़कों पर भी ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति देने की बात शामिल है। अब यह प्रस्ताव अंतिम मंजूरी के लिए राज्य के अर्बन डेवलपमेंट डिपार्टमेंट को भेजा जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, इस कदम का मुख्य उद्देश्य मुंबई में चल रहे कई रीडेवलपमेंट प्रोजेक्ट्स को आसान और तेज़ बनाना है। शहर में जमीन की कमी और पुराने भवनों के पुनर्विकास की बढ़ती जरूरत को देखते हुए यह बदलाव अहम माना जा रहा है।
वर्तमान नियमों के अनुसार, Brihanmumbai Municipal Corporation के डेवलपमेंट कंट्रोल एंड प्रमोशन रेगुलेशन (DCPR) केवल उन सड़कों पर ऊंची इमारतों के निर्माण की अनुमति देते हैं, जिनकी चौड़ाई कम से कम नौ मीटर हो। इसका कारण यह है कि चौड़ी सड़कों पर फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस जैसी आपातकालीन सेवाओं की आसान आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। मुंबई में नौ मीटर या उससे अधिक चौड़ी सड़कों को मुख्य सड़क माना जाता है, जबकि इससे कम चौड़ी सड़कों को लेन या छोटी सड़क के रूप में वर्गीकृत किया जाता है। मौजूदा नियमों के तहत इन पतली सड़कों पर ऊंची इमारतों की अनुमति नहीं थी, जिससे कई पुनर्विकास परियोजनाएं अटक रही थीं।
प्रस्ताव में बदलाव के बाद अब उम्मीद की जा रही है कि छोटे भूखंडों और संकरी गलियों वाले इलाकों में भी रीडेवलपमेंट कार्य तेजी से आगे बढ़ सकेगा। खासकर पुराने और घनी आबादी वाले क्षेत्रों में यह नीति बड़े बदलाव ला सकती है। हालांकि, इस प्रस्ताव को लेकर शहरी विशेषज्ञों के बीच मिश्रित प्रतिक्रियाएं भी देखने को मिल रही हैं। कुछ विशेषज्ञों का मानना है कि इससे रीडेवलपमेंट को गति मिलेगी और आवासीय संकट में राहत मिलेगी, जबकि कुछ का कहना है कि संकरी सड़कों पर ऊंची इमारतों से ट्रैफिक और आपातकालीन सेवाओं की पहुंच को लेकर नई चुनौतियां पैदा हो सकती हैं। अब अंतिम निर्णय राज्य के Urban Development Department द्वारा लिया जाएगा। मंजूरी मिलने के बाद मुंबई के बिल्डिंग विकास नियमों में यह एक बड़ा बदलाव माना जाएगा।







