महाराष्ट्र मुंबई 05 मई: मंगलवार को अंगारकी चतुर्थी के पावन अवसर पर मुंबई के दादर स्थित श्री सिद्धिविनायक मंदिर में भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखने को मिलीं, जहां लोग भगवान गणेश के दर्शन और पूजा-अर्चना के लिए अपनी बारी का इंतजार करते नजर आए। मंदिर में पुरुष, महिलाएं और वरिष्ठ नागरिक अलग-अलग कतारों में खड़े होकर विघ्नहर्ता भगवान गणेश का आशीर्वाद प्राप्त करने के लिए पहुंचे। I श्रद्धालु धैर्यपूर्वक लाइन में लगे हुए हैं और पूरे भक्ति भाव से पूजा कर रहे हैं।
अंगारकी चतुर्थी को हिंदू धर्म में विशेष रूप से शुभ माना जाता है। यह संकष्टी चतुर्थी का ही एक विशेष रूप है, जो तब पड़ती है जब चतुर्थी तिथि मंगलवार के दिन आती है, जिसे अंगारक या अंगारका भी कहा जाता है। परंपरा के अनुसार, संकष्टी चतुर्थी हर महीने मनाई जाती है, लेकिन अंगारकी चतुर्थी साल में केवल दो या तीन बार ही आती है, जिससे इसका महत्व और बढ़ जाता है। भक्तों का मानना है कि इस दिन भगवान गणेश की पूजा करने से विशेष फल की प्राप्ति होती है और जीवन की बाधाएं दूर होती हैं। इसी कारण इस अवसर पर मंदिरों में भीड़ सामान्य दिनों की तुलना में कई गुना बढ़ जाती है।
सिद्धिविनायक मंदिर प्रशासन के अनुसार, हर अंगारकी चतुर्थी पर हजारों की संख्या में भक्त दर्शन के लिए पहुंचते हैं और विशेष व्यवस्था की जाती है ताकि भीड़ को नियंत्रित किया जा सके। इस वर्ष तीन अंगारकी संकष्टी चतुर्थी मनाई जाएंगी। मंदिर की आधिकारिक जानकारी के अनुसार, पहली अंगारकी 6 जनवरी को, दूसरी 5 मई को और तीसरी 29 सितंबर को पड़ेगी। इन तिथियों पर देशभर से श्रद्धालु सिद्धिविनायक मंदिर सहित अन्य गणेश मंदिरों में दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मंगलवार को भी मंदिर परिसर में सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन के लिए विशेष इंतजाम किए गए थे। पुलिस और स्वयंसेवकों की मदद से श्रद्धालुओं की लाइन को व्यवस्थित किया गया ताकि किसी को असुविधा न हो। अंगारकी चतुर्थी का यह धार्मिक अवसर एक बार फिर मुंबई में भक्ति और आस्था का बड़ा दृश्य प्रस्तुत करता नजर आया, जहां श्रद्धालु भगवान गणेश के दर्शन के लिए घंटों तक कतारों में खड़े रहे।







