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विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार जारी, आरबीआई ने जारी किए ताजा आंकड़े


व्यापार 25 July 2026
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विदेशी मुद्रा भंडार में सुधार जारी, आरबीआई ने जारी किए ताजा आंकड़े

भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) के शुक्रवार को जारी आंकड़ों के अनुसार, 17 जुलाई को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 1.08 अरब डॉलर बढ़कर 676.24 अरब डॉलर हो गया। इससे पहले वाले सप्ताह में भी विदेशी मुद्रा भंडार में 964 मिलियन डॉलर की वृद्धि दर्ज की गई थी। इसके साथ ही लगातार दूसरे सप्ताह देश के विदेशी मुद्रा भंडार में बढ़ोतरी हुई है।

विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियों में मजबूत बढ़ोतरी

आरबीआई की वीकली स्टैटिस्टिकल सप्लीमेंट के अनुसार, विदेशी मुद्रा भंडार के सबसे बड़े हिस्से विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां (फॉरेन करेंसी एसेट्स) 4.549 अरब डॉलर बढ़कर 551.057 अरब डॉलर हो गईं। डॉलर के संदर्भ में इन परिसंपत्तियों के मूल्य पर यूरो, पाउंड और येन जैसी गैर-अमेरिकी मुद्राओं में उतार-चढ़ाव का भी प्रभाव पड़ता है।

स्वर्ण भंडार में आई गिरावट

आंकड़ों के मुताबिक, देश के स्वर्ण भंडार (गोल्ड रिजर्व) का मूल्य 3.48 अरब डॉलर घटकर 101.749 अरब डॉलर रह गया। वहीं, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) 44 मिलियन डॉलर बढ़कर 18.67 अरब डॉलर हो गए।

रिकॉर्ड स्तर के बाद फिर मजबूत हो रहा भंडार

आरबीआई के अनुसार, इस वर्ष की शुरुआत में वैश्विक अनिश्चितताओं के कारण विदेशी मुद्रा भंडार में गिरावट आई थी, लेकिन अब इसमें लगातार सुधार देखा जा रहा है। इससे पहले 27 फरवरी को समाप्त सप्ताह में भारत का विदेशी मुद्रा भंडार 728.494 अरब डॉलर के सर्वकालिक उच्च स्तर पर पहुंचा था।

विदेशी मुद्रा भंडार में क्या-क्या शामिल होता है

आरबीआई ने बताया कि विदेशी मुद्रा भंडार में विदेशी मुद्रा परिसंपत्तियां, स्वर्ण भंडार, विशेष आहरण अधिकार (एसडीआर) और अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (आईएमएफ) में भारत की रिजर्व ट्रेंच पोजीशन शामिल होती है। यह भंडार बाहरी आर्थिक झटकों से अर्थव्यवस्था की सुरक्षा, रुपए की स्थिरता बनाए रखने और आयात सहित अन्य बाहरी भुगतान दायित्वों को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

आरबीआई ने बाजार में हस्तक्षेप को लेकर क्या कहा

रिपोर्ट के अनुसार, पश्चिम एशिया में बढ़े तनाव के दौरान रुपए पर दबाव बढ़ने से आरबीआई ने डॉलर बेचकर विदेशी मुद्रा बाजार में हस्तक्षेप किया था, जिससे कुछ सप्ताह तक विदेशी मुद्रा भंडार प्रभावित हुआ। हालांकि अब इसमें फिर से सुधार देखने को मिल रहा है। केंद्रीय बैंक का कहना है कि वह विदेशी मुद्रा बाजार पर लगातार नजर रखता है और केवल अत्यधिक उतार-चढ़ाव को नियंत्रित करने तथा बाजार में व्यवस्थित स्थिति बनाए रखने के लिए हस्तक्षेप करता है। आरबीआई किसी विशेष विनिमय दर को लक्ष्य बनाकर बाजार में हस्तक्षेप नहीं करता।

मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार अर्थव्यवस्था के लिए अहम

विशेषज्ञों के अनुसार, मजबूत विदेशी मुद्रा भंडार भारत की आर्थिक मजबूती का महत्वपूर्ण संकेतक है। इससे आयात क्षमता मजबूत होती है, बाहरी भुगतान दायित्वों को पूरा करने में आसानी होती है और वैश्विक वित्तीय तथा भू-राजनीतिक अनिश्चितताओं के दौरान अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलती है।

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