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फर्जी डॉक्टर पर BMC और पुलिस का शिकंजा


शहर 14 August 2026
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फर्जी डॉक्टर पर BMC और पुलिस का शिकंजा

मुंबई: बांद्रा ईस्ट इलाके में कथित तौर पर फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट के आधार पर क्लिनिक चलाने वाले एक व्यक्ति को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। बांद्रा पुलिस और बृहन्मुंबई म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन (BMC) की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ा। जांच में सामने आया कि आरोपी के पास कोई मान्यता प्राप्त मेडिकल डिग्री या चिकित्सा से जुड़ी वैध योग्यता नहीं थी। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी केवल 12वीं कक्षा तक पढ़ा है, लेकिन वह खुद को डॉक्टर बताकर लोगों का इलाज कर रहा था। आरोप है कि उसने फर्जी दस्तावेजों के जरिए मेडिकल प्रैक्टिस शुरू की और बांद्रा ईस्ट में एक क्लिनिक संचालित कर रहा था।

अधिकारियों ने बताया कि आरोपी बिना किसी मान्यता प्राप्त मेडिकल क्वालिफिकेशन के मरीजों को दवाएं दे रहा था। इतना ही नहीं, वह गंभीर बीमारियों के इलाज के नाम पर इंजेक्शन लगाने और नेबुलाइजर जैसी चिकित्सा प्रक्रियाएं भी कर रहा था। पुलिस को आशंका है कि इस तरह की गतिविधियों से मरीजों की जान को खतरा हो सकता था। मामले का खुलासा उस समय हुआ जब पुलिस और BMC की टीम ने इलाके में चल रहे कुछ क्लिनिकों की जांच शुरू की। जांच के दौरान आरोपी के क्लिनिक से जुड़े दस्तावेजों की पड़ताल की गई। दस्तावेजों में गड़बड़ी मिलने के बाद अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ की।

पूछताछ के दौरान आरोपी से उसकी मेडिकल योग्यता और क्लिनिक संचालन से जुड़े प्रमाण मांगे गए। जांच में पता चला कि उसके पास डॉक्टर के रूप में काम करने के लिए जरूरी डिग्री और पंजीकरण नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू की। फर्जी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई स्वास्थ्य व्यवस्था की सुरक्षा के लिए बेहद जरूरी मानी जाती है। ऐसे लोग बिना उचित प्रशिक्षण के मरीजों का इलाज करते हैं, जिससे गलत दवा, गलत इंजेक्शन या गलत उपचार के कारण गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा हो सकती हैं।

BMC स्वास्थ्य विभाग समय-समय पर शहर में अवैध रूप से चल रहे क्लिनिकों और फर्जी चिकित्सा गतिविधियों के खिलाफ अभियान चलाता है। अधिकारियों का कहना है कि बिना लाइसेंस या वैध योग्यता के चिकित्सा सेवा देना कानून का उल्लंघन है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच एजेंसियां यह पता लगाने की कोशिश कर रही हैं कि आरोपी कितने समय से क्लिनिक चला रहा था और उसने कितने मरीजों का इलाज किया।
जांच में यह भी देखा जा रहा है कि आरोपी ने फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट कैसे हासिल किए और क्या इस काम में कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल था। पुलिस दस्तावेजों की सत्यता की जांच कर रही है। अधिकारियों के मुताबिक, आरोपी के क्लिनिक से कुछ चिकित्सा सामग्री और दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इनकी जांच के बाद मामले में और जानकारी सामने आने की संभावना है। स्थानीय लोगों से भी पूछताछ की जा सकती है ताकि यह पता लगाया जा सके कि आरोपी किस तरह मरीजों को आकर्षित करता था और लंबे समय से इलाके में किस नाम से प्रैक्टिस कर रहा था। स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी व्यक्ति से इलाज कराने से पहले उसकी मेडिकल डिग्री और पंजीकरण की जांच करना जरूरी है। खासकर गंभीर बीमारियों में बिना योग्य डॉक्टर की सलाह के इलाज कराना खतरनाक साबित हो सकता है। मुंबई जैसे बड़े शहरों में फर्जी डॉक्टरों के मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। प्रशासन का कहना है कि ऐसे लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी ताकि लोगों की जान से खिलवाड़ करने वाली गतिविधियों पर रोक लगाई जा सके। बांद्रा में हुई इस कार्रवाई के बाद BMC और पुलिस ने संकेत दिए हैं कि अवैध क्लिनिकों के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि लोगों की सुरक्षा के लिए स्वास्थ्य सेवाओं में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। फिलहाल आरोपी से पूछताछ जारी है और पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि फर्जी मेडिकल सर्टिफिकेट और क्लिनिक संचालन के पीछे पूरी साजिश क्या थी।


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