मुंबई, 25 अगस्त । महाराष्ट्र में गैर-मराठी ऑटो रिक्शा और टैक्सी ड्राइवरों को सामान्य मराठी सीखने के लिए 4 महीने का और समय दिया गया है। परिवहन मंत्री प्रताव सरनाईक ने मंगलवार को बताया कि सरकार का किसी की रोजी-छीनने का इरादा नहीं है। यह पहल आगे भी जारी रहेगी।
मंत्री सरनाईक ने प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए बताया कि संबंधित ड्राइवरों को शुरू में एक महीने का समय दिया जाएगा। उसके बाद यदि जरूरत पड़ी तो तीन महीने का और समय दिया जाएगा। इस कालावधि में ड्राइवरों को मराठी सीखने का मौका दिया जाएगा। इस प्रक्रिया में, संबंधित कानून के अनुसार बैज सस्पेंड करने का एक्शन लिया जा सकता है। हालांकि इस तीन महीने की कालावधि में बैज कैंसिल नहीं किया जाएगा। उसके बाद भी यदि जानबूझकर मराठी भाषा सीखने से मना किया जाता है, तो कानून के अनुसार बैज कैंसिल करने का एक्शन लिया जा सकता है। उन्होंने बताया कि कुछ बदमाश जानबूझकर मुंबई और ठाणे इलाकों में माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे हैं। अफवाहों पर ध्यान न दिया जाए। सरकार रिक्शा-टैक्सी संगठनों के पदाधिकारियों और नेताओं से लगातार बातचीत कर रही है। सरकार का रुख है कि उनके सुझावों पर विचार करने के बाद किसी के खिलाफ कोई गलत कार्रवाई नहीं की जाएगी।
मंत्री सरनाईक ने कहा कि यात्रियों से बातचीत करने के लिए मराठी भाषा की सामान्य जानकारी होनी जरूरी है। 105 दिन की खास पहल के जरिए राज्य में करीब 1 लाख 65 हज़ार 800 ऑटो और टैक्सी ड्राइवरों को मराठी भाषा की ट्रेनिंग दी गई है। मराठी भाषा ट्रेनिंग का चालकों से अच्छा प्रतिसाद मिला है। उन्होंने महाराष्ट्र की पहचान और संस्कृति को बनाए रखने का अपना वादा दिखाया। जो ड्राइवर अभी भी मराठी भाषा की ट्रेनिंग लेना चाहते हैं, उनके लिए कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के जरिए वर्कशॉप जारी रखी जाएंगी। मुंबई, ठाणे, भिवंडी, नालासोपारा, वसई-विरार और नवी मुंबई में ट्रेनिंग सेंटर की लिस्ट संबंधित आरटीओ अधिकारियों को दे दी गई है। ट्रेनिंग सेंटर की जानकारी के लिए आरटीओ के ज़रिए जल्द ही एक अलग कॉन्टैक्ट नंबर जारी किया जाएगा।
परिवहन मंत्री ने बताया कि अगर कोई परिवहन विभाग के निर्देशों का उल्लंघन करके कानून के दायरे से बाहर काम कर रहा है, तो नियमों के मुताबिक संबंधित व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई करना विभाग की ज़िम्मेदारी है। मराठी भाषा विभाग के तहत लागू 'हिंदू हृदय सम्राट बालासाहेब ठाकरे मराठी भाषा कैंपेन' को जारी रखने की नीति है। मंत्रालय में हई बैठक में टैक्सी मेंस यूनियन के शशांक राव सहित कोंकण मराठी साहित्य परिषद और मुंबई मराठी साहित्य संघ के पदाधिकारी मौजूद थे।







