नई दिल्ली, 26 अगस्त । कैटेगरी वन और कैटेगरी टू के इंडिया फोकस फंड्स के लिए इनवेस्टमेंट मैनेजर के रूप में और भारत में कंपनियों को कैपिटल देने वाले ऑफशोर फंड्स के लिए एडवाइजर के तौर पर काम करने वाली कंपनी गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट के शेयरों ने आज स्टॉक मार्केट में मजबूत शुरुआत कर अपने आईपीओ निवेशकों को खुश कर दिया। आईपीओ के तहत कंपनी के शेयर 160 रुपये के भाव पर जारी किए गए थे। आज बीएसई पर इसकी लिस्टिंग 15.75 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 185.20 रुपये के स्तर पर और एनएसई पर 15.63 प्रतिशत प्रीमियम के साथ 185 रुपये के स्तर पर हुई।
लिस्टिंग के बाद लिवाली के सपोर्ट से ये शेयर कुछ देर में ही उछल कर 191.65 रुपये के स्तर तक पहुंच गया। हालांकि बाद में मुनाफा वसूली शुरू हो जाने के कारण ये 170.55 रुपये के स्तर तक गिर भी गया। दोपहर 11:15 बजे तक का कारोबार होने के बाद ये शेयर 176.08 रुपये के स्तर पर कारोबार कर रहे थे। इस तरह अभी तक के कारोबार में मुनाफा वसूली होने के बावजूद कंपनी के आईपीओ निवेशकों को प्रति शेयर 16.08 रुपये यानी 10.05 प्रतिशत के फायदे में थे।
इस कंपनी का 1,553 करोड़ रुपये का आईपीओ 19 से 21 अगस्त के बीच सब्सक्रिप्शन के लिए खुला था। इस आईपीओ को निवेशकों की ओर से शानदार रिस्पॉन्स मिला था, जिसके कारण ये ओवरऑल 32.98 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इनमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए रिजर्व पोर्शन 45.87 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसी तरह नॉन इंस्टीट्यूशनल इन्वेस्टर्स (एनआईआई) के लिए रिजर्व पोर्शन में 65.63 गुना सब्सक्रिप्शन आया था। इसके अलावा रिटेल इन्वेस्टर्स के लिए रिजर्व पोर्शन 11.61 गुना सब्सक्राइब हुआ था।
इस आईपीओ के तहत 5 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 3,43,75,000 शेयर जारी हुए हैं। इनमें लगभग 450 करोड़ रुपये के 2,81,25,000 नए शेयर जारी बिके हैं, जबकि लगभग 100 करोड़ रुपये के 62,50,000 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे गए हैं। आईपीओ में नए शेयरों की बिक्री से जुटाए गए पैसे का इस्तेमाल कंपनी मौजूदा फंड्स और नए फंड्स में निवेश, ब्रिज लोन अमाउंट को हल्का करने, आईपीओ से जुड़े खर्चों की भरपाई करने और आम कॉरपोरेट उद्देश्यों में करेगी।
गजा अल्टरनेटिव एसेट मैनेजमेंट की वित्तीय स्थिति की बात करें तो कैपिटल मार्केट रेगुलेटर सेबी के पास जमा कराए गए ड्राफ्ट रेड हेरिंग प्रॉस्पेक्टस (डीआरएचपी) में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत लगातार मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2023-24 में कंपनी को 44.74 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 61.95 करोड़ रुपये के स्तर पर और पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में उछल कर 81.96 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।
इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में इसे 103.96 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर 123.31 करोड़ के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी को 157.80 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ। इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 के अंत में कंपनी पर 3.51 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2024-25 में बढ़ कर चार करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2025-26 मेंर जबरदस्त उछाल के साथ 41.56 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।
इस दौरान कंपनी के नेटवर्थ में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2023-24 में ये 331.88 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2024-25 में बढ़ कर 388.97 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह पिछले वित्त वर्ष 2025-26 में कंपनी का नेटवर्थ जबरदस्त बढ़ोतरी के साथ 606.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।







