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मुंबई में 37.17 करोड़ की केटामाइन जब्त, इंटरनेशनल ड्रग्स गैंग का पर्दाफाश


शहर 29 September 2026
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मुंबई में 37.17 करोड़ की केटामाइन जब्त, इंटरनेशनल ड्रग्स गैंग का पर्दाफाश

मुंबई 29 सितंबर। मुंबई की MIDC पुलिस ने ड्रग्स तस्करी से जुड़े एक अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश करने का दावा किया है। पुलिस ने अंधेरी ईस्ट इलाके में एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास कार्रवाई करते हुए दो लोगों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से कथित तौर पर 12 किलो 390 ग्राम केटामाइन बरामद की गई है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 37.17 करोड़ रुपये बताई गई है। पुलिस के मुताबिक यह कार्रवाई 24 और 25 सितंबर की दरमियानी रात की गई। MIDC पुलिस की टीम को दो संदिग्ध लोगों के बारे में जानकारी मिली थी, जिसके बाद एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के आसपास निगरानी बढ़ाई गई। इसी दौरान दो लोगों को रोका गया और उनके सामान की तलाशी ली गई।

तलाशी के दौरान पुलिस को कई पैकेट मिले। शुरुआती जांच में सामने आया कि इनमें कथित तौर पर केटामाइन छिपाकर रखी गई थी। पुलिस के अनुसार ड्रग्स को सीधे पैक करने के बजाय उसे एल्युमीनियम के पैकेट में रखा गया था और ऊपर से फरसान तथा चिवड़ा जैसे खाद्य पदार्थों के साथ छिपाया गया था, ताकि जांच एजेंसियों को शक न हो। पुलिस का दावा है कि आरोपियों की योजना इस खेप को थाईलैंड भेजने की थी। पूछताछ में यह भी सामने आया कि यह नेटवर्क केवल थाईलैंड तक सीमित नहीं था, बल्कि कथित तौर पर इंडोनेशिया, म्यांमार और मलेशिया जैसे देशों में भी अलग-अलग प्रकार के ड्रग्स की सप्लाई करता था।

बरामदगी के बाद दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में केटामाइन आरोपियों तक कहां से पहुंची और इसे विदेश भेजने की पूरी योजना किसने तैयार की थी। इसके साथ ही नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने की कोशिश भी की जा रही है। जांच एजेंसियों का ध्यान खास तौर पर सप्लाई चेन पर है। पुलिस यह जानना चाहती है कि ड्रग्स भारत के भीतर किस जगह से मुंबई पहुंचाई गई, किसने इसे पैक किया और विदेश तक पहुंचाने के लिए किन माध्यमों का इस्तेमाल किया जाना था। आरोपियों के मोबाइल फोन और अन्य डिजिटल उपकरणों की भी जांच की जा सकती है। 

शराब सेवन की होगी पुष्टि पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या इस नेटवर्क से जुड़े लोग पहले भी इसी तरीके से विदेशों में ड्रग्स भेज चुके हैं। फरसान और चिवड़ा के बीच ड्रग्स छिपाकर ले जाने के तरीके से पुलिस को आशंका है कि गिरोह ने सुरक्षा जांच से बचने के लिए पहले से पूरी योजना तैयार की थी। केटामाइन एक शक्तिशाली दवा है, जिसका चिकित्सा क्षेत्र में नियंत्रित इस्तेमाल होता है। इसका अवैध इस्तेमाल और तस्करी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। बड़ी मात्रा में इसकी बरामदगी के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए नेटवर्क के अंतरराष्ट्रीय संबंधों की जांच शुरू कर दी है।

अंधेरी ईस्ट का इलाका मुंबई के अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट के नजदीक है। ऐसे में एयरपोर्ट मेट्रो स्टेशन के पास से आरोपियों की गिरफ्तारी को जांच के लिहाज से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपी एयरपोर्ट तक पहुंचने वाले थे या किसी अन्य व्यक्ति को खेप सौंपने की तैयारी में थे। पुलिस के मुताबिक आरोपियों से बरामद ड्रग्स की कुल मात्रा 12 किलो 390 ग्राम है। इसकी अनुमानित कीमत करीब 37.17 करोड़ रुपये बताई गई है। हालांकि बरामद पदार्थ की अंतिम पुष्टि फॉरेंसिक जांच और संबंधित परीक्षण के बाद होगी। मामले में गिरफ्तार आरोपियों की भूमिका भी अलग-अलग स्तर पर जांची जा रही है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि वे केवल कुरियर के रूप में काम कर रहे थे या अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क से सीधे जुड़े हुए थे।

इसके साथ ही उनके बैंक खातों और वित्तीय लेन-देन की जांच भी की जा सकती है। जांच में यह पहलू भी अहम है कि ड्रग्स की यह खेप विदेश भेजने के लिए किस रास्ते का इस्तेमाल किया जाना था। पुलिस को शक है कि खाद्य पदार्थों के पैकेट में ड्रग्स छिपाकर सीमा या एयरपोर्ट जांच से बचने की कोशिश की जा सकती थी। हालांकि पूरे नेटवर्क के काम करने के तरीके को लेकर जांच अभी जारी है। थाईलैंड, इंडोनेशिया, म्यांमार और मलेशिया से जुड़े कथित कनेक्शन सामने आने के बाद मामले का दायरा और बढ़ गया है। जरूरत पड़ने पर मुंबई पुलिस अन्य केंद्रीय एजेंसियों और अंतरराष्ट्रीय एजेंसियों से भी जानकारी साझा कर सकती है। पुलिस अब आरोपियों की कॉल डिटेल, यात्रा इतिहास और पिछले संपर्कों की जांच कर रही है।

इससे यह पता लगाने में मदद मिल सकती है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और ड्रग्स की सप्लाई कितने समय से की जा रही थी। इस मामले में गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। कोर्ट में पेशी के बाद पुलिस उनकी हिरासत लेकर आगे पूछताछ कर सकती है। इस दौरान नेटवर्क के मास्टरमाइंड और अन्य सदस्यों की पहचान पर जोर रहेगा। फिलहाल MIDC पुलिस इस बरामदगी को एक बड़े अंतरराष्ट्रीय ड्रग्स नेटवर्क से जोड़कर जांच कर रही है। 37 करोड़ रुपये से अधिक कीमत की कथित केटामाइन की बरामदगी ने इस मामले को और गंभीर बना दिया है। पुलिस के लिए अब सबसे बड़ी चुनौती इस नेटवर्क की पूरी कड़ी को सामने लाना और विदेशों तक फैले इसके संपर्कों की पहचान करना है।

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