साफ-सफाई से जुड़ी छोटी-छोटी आदतें आपको स्वस्थ रखने में बहुत मदद करती हैं। ऐसी ही एक आदत है - हाथ धोना। 15 अक्टूबर को 'ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे' (वैश्विक हाथ धुलाई दिवस) मनाया जाता है, जो अच्छे स्वास्थ्य के लिए हाथ धोने को बढ़ावा देता है। आइए जानें कि हाथ धोना आपके स्वास्थ्य को कैसे बनाए रखता है, हाथ धोने के लिए कुछ आयुर्वेदिक उपाय क्या हैं, और इसके लिए पतंजलि के कौन-से उत्पाद उपयोगी हो सकते हैं। हाथ धोना स्वास्थ्य को कैसे बनाए रखता है
आयुर्वेद में हाथ धोने को 'दिनचर्या' (रोजमर्रा की आदतों) का हिस्सा माना गया है। यह बीमारियों या संक्रमण को रोकने में मदद करता है और शरीर के दोषों (वात, पित्त, कफ) को संतुलित रखता है। गंदे हाथों में मौजूद गंदगी आपकी रोग प्रतिरोधक क्षमता (इम्युनिटी) और समग्र स्वास्थ्य को नुकसान पहुंचा सकती है। नियमित रूप से हाथ धोने से गंदगी दूर होती है। इससे हमारी ज्ञानेंद्रियां भी दूषित नहीं होतीं। यह कीटाणुओं को फैलने से रोकता है। साफ हाथों से खाना बनाने या परोसने पर भोजन दूषित नहीं होता। साफ हाथों से आपके आस-पास का वातावरण भी साफ रहता है।
आइए अब आयुर्वेद द्वारा सुझाए गए हाथ धोने के कुछ बुनियादी तरीकों और पतंजलि के उन उपयोगी उत्पादों के बारे में जानें, जो इसमें आपकी मदद कर सकते हैं। अच्छे तरीके से हाथ धोने के लिए सरल आयुर्वेदिक उपाय सामग्री: कई आयुर्वेदिक जड़ी-बूटियों और मसालों में एंटीमाइक्रोबियल और एंटीबैक्टीरियल गुण होते हैं, जो हाथों को साफ करते हैं और उन्हें आराम पहुंचाते हैं। ऐसे हैंडवॉश का इस्तेमाल करें जिनमें हल्दी, नीम, एलोवेरा, तुलसी, अदरक और नींबू जैसी चीजें शामिल हों। नारियल तेल, आर्गन ऑयल और चंदन जैसे प्राकृतिक तत्वों से बने हैंडवॉश त्वचा को पोषण देते हैं।
सबसे पहले ध्यान रखें कि हाथ धोने के लिए इस्तेमाल होने वाला पानी साफ हो और उसका तापमान सामान्य (रूम टेम्परेचर) या हल्का गुनगुना हो, ताकि हाथों का प्राकृतिक तेल खत्म न हो जाए। अगर आप किसी तरह के कठोर रसायनों (केमिकल्स) या डिटर्जेंट का इस्तेमाल कर रहे हैं, तो दस्ताने (ग्लव्स) पहनें। हाथ धोने का सही तरीका यह है: पहले हाथों को गीला करें, फिर कुछ मिनटों तक अच्छी तरह साबुन लगाकर झाग बनाएं, इसके बाद साबुन को पानी से धो लें और अंत में किसी साफ तौलिए या टिश्यू पेपर से हाथों को सुखा लें।
सलाह: बार-बार हाथ धोने से हाथ रूखे हो सकते हैं। इसलिए, रूखापन दूर करने के लिए अच्छी हैंड क्रीम का इस्तेमाल करें। अपने नाखूनों को छोटा और साफ रखें। हाथों को मुलायम और स्वस्थ बनाए रखने के लिए आयुर्वेदिक हैंड मास्क या क्यूटिकल ऑयल का उपयोग करें। अगर साबुन उपलब्ध न हो, तो हाथों को साफ रखने के लिए अल्कोहल-आधारित सैनिटाइज़र का इस्तेमाल करें। पतंजलि ऐसे हैंडवॉश उत्पाद पेश करता है जिनमें आयुर्वेदिक सामग्री शामिल होती है। पतंजलि हर्बल हैंड वॉश (एंटी-बैक्टीरियल) (200 ml, 250 ml, 675 ml, 750 ml, 1 लीटर और 1.35 लीटर) में नीम और तुलसी का मिश्रण है। यह कीटाणुओं से लड़ने और उन्हें खत्म करने, हाथों को साफ और मॉइस्चराइज करने, संक्रमण और जलन पैदा करने वाले तत्वों से बचाने, हाथों को साफ और कीटाणु-मुक्त रखने में मदद करता है, और साथ ही एक अच्छी खुशबू भी छोड़ता है। या फिर, हाथों की कोमल और प्रभावी सफाई के लिए पतंजलि एलोवेरा हैंड वॉश (200 ml, 250 ml और 675 ml) का इस्तेमाल करें।
जेल-आधारित यह हैंड वॉश त्वचा को साफ और मॉइस्चराइज करता है, रूखेपन और खुरदरेपन को दूर करता है, और कीटाणुओं से बचाता है। इसमें एलोवेरा, पुदीना, नीम, तुलसी, टी ट्री ऑयल आदि शामिल हैं। आप पतंजलि सौंदर्य कोकोनट नरिशिंग क्रीम (50 ग्राम) का इस्तेमाल हैंड क्रीम के तौर पर भी कर सकते हैं। त्वचा विशेषज्ञों द्वारा जांची गई यह क्रीम त्वचा के लचीलेपन को बनाए रखती है, रूखेपन, खुरदरेपन, बेजानपन और पपड़ी बनने की समस्या को रोकती है, नमी के स्तर को बरकरार रखती है, और त्वचा को मुलायम, स्वस्थ और एक समान रंगत (even-toned) वाला बनाती है। इसमें नारियल, जैतून और आर्गन जैसे तेल, एलोवेरा, खीरा, रेवंद चीनी, ग्लिसरीन आदि शामिल हैं। 15 अक्टूबर को 'ग्लोबल हैंडवॉशिंग डे' (विश्व हाथ धुलाई दिवस) के अवसर पर, हाथ धोने के सही आयुर्वेदिक तरीकों को अपनाकर अपने हाथों को साफ रखें। इसके लिए पतंजलि के उत्पादों का इस्तेमाल करें।







