फिल्मों में कलाकारों को अलग-अलग किरदार निभाते देखना दर्शकों के लिए मनोरंजन का हिस्सा होता है, लेकिन जब वही कलाकार किसी बच्चे के अपने पिता हों, तो पर्दे पर निभाया गया किरदार भावनाओं को अलग तरह से प्रभावित कर सकता है। ऐसा ही एक दिल छू लेने वाला वाकया अभिनेता यश के साथ सामने आया है। निर्देशक नितेश तिवारी की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘रामायण’ में यश रावण की भूमिका निभा रहे हैं। फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर के दौरान जब उनके बेटे यथर्व ने अपने पिता को रावण के रूप में देखा, तो वह इस किरदार को लेकर भावुक हो गए। खासतौर पर रावण और जटायु के बीच का दृश्य उन्हें इतना प्रभावित कर गया कि वह रोने लगे। इस घटना के बारे में फिल्म में सीता की भूमिका निभा रहीं अभिनेत्री साई पल्लवी ने मीडिया से बातचीत के दौरान बताया। उनके मुताबिक, यथर्व को फिल्म में अपने पिता के हाथों जटायु का वध होते देखना बिल्कुल अच्छा नहीं लगा। उन्होंने अपने पिता से नाराजगी जताते हुए कहा कि उन्हें उस पक्षी को मारना नहीं चाहिए था। बच्चे की यह सहज प्रतिक्रिया वहां मौजूद लोगों के लिए भावुक पल बन गई।
यश अपनी पत्नी राधिका पंडित और बच्चों आयरा तथा यथर्व के साथ 27 अक्टूबर को लॉस एंजिल्स में आयोजित फिल्म के वर्ल्ड प्रीमियर में पहुंचे थे। यह उनके बच्चों का पहली बार थिएटर में फिल्म देखने का अनुभव भी था। फिल्म देखने के बाद बच्चों के मन में कई सवाल थे। यश ने बातचीत में बताया कि वह अपने बच्चों की प्रतिक्रियाओं को देखकर हैरान थे, क्योंकि वे कहानी के किरदारों और उनके व्यवहार को समझने की कोशिश कर रहे थे। इसी दौरान साई पल्लवी ने यथर्व की भावुक प्रतिक्रिया का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि फिल्म खत्म होने के बाद जब सभी लोग बाहर निकल रहे थे, तब यथर्व रो रहे थे। पूछने पर उन्होंने बताया कि उन्हें जटायु की मौत देखकर दुख हुआ। यथर्व जानते थे कि उनके पिता अभिनय कर रहे हैं और फिल्म में दिखाई गई घटनाएं कहानी का हिस्सा हैं, लेकिन इसके बावजूद वह इस दृश्य को सहजता से स्वीकार नहीं कर पाए। साई पल्लवी ने बच्चे की इस प्रतिक्रिया को बेहद प्यारा और भावुक पल बताया।
दरअसल, रामायण की कथा में जटायु का प्रसंग बेहद महत्वपूर्ण है। जब रावण माता सीता का अपहरण करके लंका की ओर ले जा रहा होता है, तब जटायु उन्हें बचाने के लिए रावण का रास्ता रोकता है। वह अपनी पूरी शक्ति से मुकाबला करता है, लेकिन रावण के हाथों गंभीर रूप से घायल हो जाता है। जटायु का यह संघर्ष साहस, त्याग और कर्तव्यनिष्ठा का प्रतीक माना जाता है। यही वजह है कि इस प्रसंग का भावनात्मक प्रभाव दर्शकों पर गहरा पड़ता है। यथर्व के लिए भी यह दृश्य केवल फिल्म का हिस्सा नहीं रहा, बल्कि उन्होंने इसे एक पक्षी के साथ हुई घटना की तरह महसूस किया।
यश ने फिल्म में रावण के किरदार को लेकर अपनी सोच भी साझा की है। उनका कहना है कि इस भूमिका में सबसे बड़ी चुनौती दर्शकों को रावण की अपार शक्ति और प्रभाव का अहसास कराना था। वह रावण को केवल एक पारंपरिक खलनायक के रूप में नहीं दिखाना चाहते थे, बल्कि उसके व्यक्तित्व के अलग-अलग पहलुओं को भी सामने लाना चाहते थे। उनके अनुसार, रावण में कई गुण थे, लेकिन उसके गलत फैसलों और अहंकार ने उसे विनाश की ओर पहुंचाया। यश ने यह भी बताया कि वह किरदार की ताकत को केवल शारीरिक रूप से नहीं, बल्कि आंखों, संवाद अदायगी और व्यक्तित्व के माध्यम से दिखाना चाहते थे।
फिल्म ‘रामायण’ में रणबीर कपूर भगवान राम, साई पल्लवी माता सीता, यश रावण, सनी देओल हनुमान और रवि दुबे लक्ष्मण की भूमिका में नजर आएंगे। फिल्म का निर्देशन नितेश तिवारी ने किया है और इसे 5 नवंबर 2026 को रिलीज करने की योजना है। यश के बेटे की प्रतिक्रिया ने फिल्म की चर्चा के बीच एक अलग भावनात्मक पहलू जोड़ दिया है। यह घटना बताती है कि पर्दे पर कलाकार चाहे कितना भी प्रभावशाली किरदार निभाए, बच्चों के लिए उनके माता-पिता की पहचान सबसे अहम रहती है। जटायु के प्रति यथर्व की संवेदना ने यह भी दिखाया कि रामायण की कथा में करुणा, साहस और जीवन के प्रति सम्मान जैसे संदेश आज भी नई पीढ़ी के मन को प्रभावित करते हैं







