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फिनटेक कंपनी ऑनईएमआई TS का 925.92 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया


व्यापार 30 April 2026
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फिनटेक कंपनी ऑनईएमआई TS का 925.92 करोड़ रुपये का आईपीओ आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया

नई दिल्ली, 30 अप्रैल । फिनटेक कंपनी ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस का 925.92 करोड़ रुपये का पब्लिक इश्यू (आईपीओ) आज सब्सक्रिप्शन के लिए लॉन्च कर दिया गया। निवेशक इसमें 5 मई तक बोली लगा सकेंगे। इश्यू की क्लोजिंग के बाद 6 मई को शेयरों का अलॉटमेंट किया जाएगा, जबकि 7 मई को अलॉटेड शेयर डिमैट अकाउंट में क्रेडिट कर दिए जाएंगे। कंपनी के शेयर 8 मई को बीएसई और एनएसई पर लिस्ट हो सकते हैं। शाम चार बजे तक इस आईपीओ को 24 प्रतिशत सब्सक्रिप्शन मिल चुका था।

किश्त ब्रैंड के तहत काम करने वाली ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस के इस आईपीओ में बोली लगाने के लिए 162 रुपये से लेकर 171 रुपये प्रति शेयर का प्राइस बैंड तय किया गया है, जबकि लॉट साइज 87 शेयर का है। इस आईपीओ में रिटेल इनवेस्टर्स कम से कम 1 लॉट यानी 87 शेयरों के लिए बोली लगा सकते हैं, जिसके लिए उन्हें 14,877 रुपये का निवेश करना होगा। इसी तरह रिटेल इनवेस्टर 1,93,401 रुपये के निवेश से अधिकतम 13 लॉट में 1,131 शेयर के लिए बोली लगा सकते हैं।

इस आईपीओ के तहत 1 रुपये फेस वैल्यू वाले कुल 925.92 करोड़ रुपये के 5,41,47,390 शेयर जारी होंगे। इनमें लगभग 850 करोड़ रुपये के 4,97,07,602 नए शेयर और लगभग 76 करोड़ रुपये के 44,39,788 शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के जरिये बेचे जाएंगे। आईपीओ खुलने से एक दिन पहले बुधवार को कंपनी ने एंकर इन्वेस्टर्स से जरिए 278 करोड़ रुपये जुटाए। इन एंकर इन्वेस्टर्स में एचडीएफसी म्यूचुअल फंड, आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल म्यूचुअल फंड, गोल्डमैन सैक्स और सिटीग्रुप जैसे बड़े नाम शामिल हैं।

इस आईपीओ में क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (क्यूआईबी) के लिए अधिकतम 50 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व किया गया है। इसके अलावा रिटेल इनवेस्टर्स के लिए न्यूनतम 35 प्रतिशत हिस्सा और नॉन इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (एनआईआई) के लिए न्यूनतम 15 प्रतिशत हिस्सा रिजर्व है। इस इश्यू के लिए जेएम फाइनेंशियल लिमिटेड को बुक रनिंग लीड मैनेजर बनाया गया है। वहीं केफिन टेक्नोलॉजीज लिमिटेड को रजिस्ट्रार बनाया गया है।

ऑनईएमआई टेक्नोलॉजी सॉल्यूशंस की वित्तीय स्थिति की बात करें तो प्रॉस्पेक्टस में किए गए दावे के मुताबिक इसकी वित्तीय सेहत मामूली उतार चढ़ाव के बावजूद मजबूत हुई है। वित्त वर्ष 2022-23 में कंपनी को 27.67 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हुआ था, जो अगले वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 197.29 करोड़ रुपये और 2024-25 में गिर कर 160.62 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 199.27 करोड़ रुपये का शुद्ध लाभ हो चुका है।

इस दौरान कंपनी की राजस्व प्राप्ति में उतार चढ़ाव के बावजूद बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में इसे 1,001.51 करोड़ का कुल राजस्व प्राप्त हुआ, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 1,700.30 करोड़ और वित्त वर्ष 2024-25 में फिसल कर 1,352.69 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक कंपनी को 1,583.93 करोड़ रुपये का राजस्व प्राप्त हुआ।

इस अवधि में कंपनी के कर्ज में भी लगातार बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 के अंत में कंपनी पर 387.89 करोड़ रुपये के कर्ज का बोझ था, जो वित्त वर्ष 2023-24 में बढ़ कर 784.30 करोड़ रुपये और वित्त वर्ष 2024-25 में उछल कर 1,507.58 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक की बात करें, तो इस दौरान कंपनी पर लदे कर्ज का बोझ 2,047.52 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया।

इस अवधि में कंपनी के नेटवर्थ में भी बढ़ोतरी हुई। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 566.23 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 804.57 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का नेटवर्थ 1,005.99 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 1,254.34 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया।

कंपनी के रिजर्व और सरप्लस की बात करें तो इस अवधि में कंपनी इस मोर्चे पर भी बढ़त हासिल करने में सफल रही है। वित्त वर्ष 2022-23 में ये 556.17 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 794.50 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का रिजर्व और सरप्लस 995.32 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 1,242.32 करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया था।

इसी तरह ईबीआईटीडीए (अर्निंग बिफोर इंट्रेस्ट, टैक्सेज, डिप्रेशिएशंस एंड एमॉर्टाइजेशन) 2022-23 में 97.71 करोड़ रुपये के स्तर पर था, जो 2023-24 में बढ़ कर 358.96 करोड़ रुपये हो गया। इसी तरह 2024-25 में कंपनी का ईबीआईटीडीए बढ़ कर 403.37 करोड़ रुपये के स्तर पर आ गया। वहीं वहीं पिछले वित्त वर्ष 2025-26 के पहले नौ महीने में यानी अप्रैल से 31 दिसंबर 2025 तक ये 488.45 करोड़ रुपये के स्तर पर रहा।

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