मुंबई 19 मई : मुंबई में आम लोगों को एक बार फिर ईंधन की बढ़ी हुई कीमतों का सामना करना पड़ रहा है। तेल विपणन कंपनियों (Oil Marketing Companies) ने मंगलवार को पेट्रोल और डीज़ल की दरों में एक और बढ़ोतरी की घोषणा की है। यह बढ़ोतरी एक हफ्ते के भीतर दूसरी बार की गई है, जिससे शहर में परिवहन लागत और महंगाई का दबाव और बढ़ गया है। जानकारी के अनुसार, यह ताज़ा मूल्य संशोधन अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की बढ़ती कीमतों के बीच किया गया है। ईरान में चल रहे संघर्ष और मध्य-पूर्व में जारी तनाव के कारण वैश्विक स्तर पर तेल आपूर्ति को लेकर अनिश्चितता बनी हुई है, जिसका सीधा असर भारत में ईंधन की कीमतों पर दिखाई दे रहा है।
नए संशोधन के बाद मुंबई में पेट्रोल की कीमत 91 पैसे बढ़कर 107.59 रुपये प्रति लीटर हो गई है। वहीं डीज़ल की कीमत में भी 94 पैसे की वृद्धि दर्ज की गई है, जिसके बाद यह अब 94.08 रुपये प्रति लीटर पर बिक रहा है। स्थानीय उपभोक्ताओं के लिए यह बढ़ोतरी चिंता का कारण बनी हुई है, क्योंकि लगातार ईंधन कीमतों में हो रहे बदलाव का असर रोजमर्रा की जिंदगी और परिवहन खर्च पर पड़ रहा है। खासकर टैक्सी, ऑटो और डिलीवरी सेवाओं पर निर्भर लोगों के लिए यह स्थिति और चुनौतीपूर्ण हो गई है।
गौरतलब है कि इससे पहले भी हाल ही में ईंधन कीमतों में बढ़ोतरी की गई थी, जिससे उपभोक्ताओं पर पहले से ही आर्थिक बोझ बढ़ा हुआ था। अब लगातार दूसरी बढ़ोतरी ने महंगाई के दबाव को और तेज कर दिया है। विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव और भू-राजनीतिक तनाव आने वाले दिनों में भी ईंधन दरों को प्रभावित कर सकते हैं। ऐसे में उपभोक्ताओं को फिलहाल स्थिर कीमतों की उम्मीद कम दिखाई दे रही है। इस बीच, तेल कंपनियों का कहना है कि कीमतों का निर्धारण वैश्विक बाजार के रुझानों और क्रूड ऑयल की लागत के आधार पर किया जाता है, इसलिए अंतरराष्ट्रीय परिस्थितियों का सीधा असर घरेलू बाजार पर पड़ता है। मुंबई में लगातार बढ़ती ईंधन कीमतों ने एक बार फिर आम जनता की जेब पर दबाव बढ़ा दिया है और आने वाले दिनों में इसका असर अन्य वस्तुओं और सेवाओं की कीमतों पर भी देखने को मिल सकता है।







