मुंबई 14 जुलाई : मुंबई के अंधेरी पश्चिम इलाके में सोमवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा सामने आया, जहां पानी से भरे एक खुदाई वाले गड्ढे में डूबने से 10 साल के बच्चे की मौत हो गई। बताया जा रहा है कि बच्चे अपने दोस्तों के साथ तैरने के लिए गड्ढे में उतरे थे, लेकिन यह मनोरंजन का पल देखते ही देखते मातम में बदल गया। यह घटना अंधेरी (वेस्ट) के डीएन नगर इलाके में जागृत हनुमान मंदिर के पीछे जुहू गली स्थित वायरलेस कंपाउंड में हुई। हादसे की सूचना मिलने के बाद मुंबई फायर ब्रिगेड और नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीम मौके पर पहुंची और बच्चे की तलाश शुरू की।
जानकारी के अनुसार, सोमवार दोपहर करीब 1:15 बजे पास की झुग्गी बस्ती में रहने वाले कुछ बच्चे पानी से भरे एक बड़े गड्ढे में तैरने के लिए पहुंचे थे। यह गड्ढा एक निजी संपत्ति पर खुदाई के कारण बना था और बारिश के पानी से भर गया था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बच्चे पानी में उतरकर तैर रहे थे। इसी दौरान उनमें से एक बच्चा अचानक पानी के अंदर चला गया और बाहर नहीं आया। साथ मौजूद अन्य बच्चों ने इसकी जानकारी आसपास के लोगों को दी, जिसके बाद तुरंत बचाव अभियान शुरू किया गया।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोगों ने बच्चे को बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद मुंबई फायर ब्रिगेड को सूचना दी गई। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर तलाशी अभियान शुरू किया। मुंबई फायर ब्रिगेड के अधिकारियों के अनुसार, पानी से भरे गड्ढे की गहराई और परिस्थितियों के कारण बचाव कार्य में काफी मुश्किलें आईं। इसके बाद नेशनल डिजास्टर रिस्पॉन्स फोर्स (NDRF) की टीम को भी बुलाया गया। NDRF के जवानों ने आधुनिक उपकरणों की मदद से पानी के अंदर बच्चे की तलाश शुरू की। करीब साढ़े तीन घंटे तक चले अभियान के बाद बच्चे का शव बरामद किया गया। शव मिलने के बाद घटनास्थल पर मौजूद परिवार और स्थानीय लोगों में शोक की लहर दौड़ गई।
पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। शुरुआती जानकारी के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि निजी संपत्ति पर मौजूद इस पानी भरे गड्ढे की सुरक्षा व्यवस्था कैसी थी और वहां बच्चों के पहुंचने से रोकने के लिए कोई इंतजाम किए गए थे या नहीं। स्थानीय लोगों ने बताया कि बारिश के मौसम में ऐसे गड्ढों में पानी भर जाता है और बच्चे अक्सर वहां खेलने या तैरने चले जाते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि ऐसे खतरनाक स्थानों की पहचान कर सुरक्षा इंतजाम किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह के हादसों को रोका जा सके।
मुंबई जैसे घनी आबादी वाले शहर में मानसून के दौरान जलभराव और खुले गड्ढे कई बार खतरा बन जाते हैं। निर्माण स्थलों और निजी संपत्तियों पर बने ऐसे स्थानों पर सुरक्षा उपायों की कमी को लेकर पहले भी सवाल उठते रहे हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि बच्चों को ऐसे स्थानों पर जाने से रोकने के लिए अभिभावकों और स्थानीय प्रशासन दोनों को सतर्क रहना चाहिए। बारिश के मौसम में पानी से भरे गड्ढों की गहराई का अंदाजा लगाना मुश्किल होता है और यह जानलेवा साबित हो सकते हैं। इस हादसे के बाद इलाके के लोगों ने सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। उनका कहना है कि निजी संपत्तियों पर बने ऐसे गड्ढों को या तो सुरक्षित तरीके से बंद किया जाना चाहिए या फिर वहां चेतावनी संकेत लगाए जाने चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और संबंधित अधिकारियों से जानकारी जुटाई जा रही है। बच्चे की मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। एक छोटी सी आउटिंग का यह पल परिवार के लिए कभी न भूलने वाला दर्द बन गया। प्रशासन अब यह सुनिश्चित करने की कोशिश कर रहा है कि ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।







