सहकारिता आधारित डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म भारत टैक्सी से 19 जुलाई 2026 तक देशभर में 7.97 लाख सारथी (ड्राइवर-सदस्य) जुड़ चुके हैं। सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) के तहत संचालित इस प्लेटफॉर्म का आधिकारिक शुभारंभ दिल्ली-एनसीआर, गुजरात और महाराष्ट्र में किया गया है। यह जानकारी केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह ने राज्यसभा में एक प्रश्न के लिखित उत्तर में दी।
दिल्ली-एनसीआर में सबसे अधिक सारथी
सरकार के अनुसार, भारत टैक्सी प्लेटफॉर्म से जुड़े 7.97 लाख सारथियों में सबसे अधिक 2.55 लाख दिल्ली-एनसीआर में पंजीकृत हैं। इसके अलावा गुजरात में 1.01 लाख और महाराष्ट्र में 71,095 सारथी प्लेटफॉर्म से जुड़े हैं।
अन्य राज्यों में होगा विस्तार
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड (एसटीसीएल) ने बताया कि भारत टैक्सी की सेवाओं का अन्य शहरों और राज्यों में विस्तार परिचालन तैयारियों तथा आवश्यक सरकारी अनुमोदनों के आधार पर किया जाएगा। इसमें सारथियों की उपलब्धता, वैधानिक आवश्यकताओं की पूर्ति और राज्य सरकारों, सहकारी संस्थाओं तथा अन्य हितधारकों के साथ समन्वय को ध्यान में रखा जाएगा।
शून्य-कमीशन मॉडल पर काम करता है प्लेटफॉर्म
भारत टैक्सी शून्य-कमीशन मॉडल पर संचालित होती है। प्लेटफॉर्म के जरिए बुक की गई राइड पर ड्राइवर की कमाई में से कोई कमीशन नहीं काटा जाता। तकनीकी सेवाओं, ऐप के रखरखाव और विस्तार के लिए सारथियों से अलग से मामूली राइड सब्सक्रिप्शन या प्लेटफॉर्म उपयोग शुल्क लिया जाता है। इससे ड्राइवर को मिलने वाले किराए पर कोई असर नहीं पड़ता।
सदस्यों को मिलते हैं कई लाभ
सहकार टैक्सी कोऑपरेटिव लिमिटेड के सदस्य बनने वाले सारथियों को बहु-राज्य सहकारी सोसाइटी अधिनियम, 2002 और समिति के उप-विधियों के तहत विभिन्न लाभ प्राप्त होते हैं। समिति अपने सदस्यों को कल्याणकारी योजनाओं और वित्तीय सहायता तक पहुंच भी उपलब्ध कराती है।
बीमा, ऋण और प्रशिक्षण की सुविधा
सारथियों को रियायती दरों पर स्वास्थ्य एवं व्यक्तिगत दुर्घटना बीमा, एसबीआई मुद्रा ऋण सहित संस्थागत ऋण तथा बैंकों और अन्य वित्तीय संस्थानों के माध्यम से वाहन वित्तपोषण की सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। इसके अलावा डिजिटल प्लेटफॉर्म के उपयोग, ग्राहक सेवा, सड़क सुरक्षा और यात्री सुरक्षा से संबंधित समय-समय पर प्रशिक्षण एवं अभिविन्यास कार्यक्रम भी आयोजित किए जाते हैं।







