नई दिल्ली, 26 अगस्त । यात्री परिवहन के क्षेत्र में देश ने एक अहम उपलब्धि हासिल की है। अंतरराष्ट्रीय ऑटोमोटिव प्रौद्योगिकी केंद्र (आईसीएटी) ने 15 मीटर लंबी मल्टी-एक्सल स्लीपर बस के लिए अपना पहला अनुपालन प्रमाणपत्र जारी किया है। यह प्रमाणपत्र केंद्रीय मोटर वाहन नियमों और एआईएस-119 व एआईएस-153 के तहत जारी किया गया है।
यह प्रमाणपत्र सिनाटी ऑटोमोटिव प्राइवेट लिमिटेड को उसकी 15 मीटर लंबी स्लीपर बस के लिए दिया गया। यह यात्री परिवहन के लिए बनाई गई सबसे लंबी बस संरचनाओं में से एक के परीक्षण और प्रमाणन की दिशा में अहम कदम है।
आईसीएटी के निदेशक सौरभ दलेला ने वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में कंपनी के प्रबंध निदेशक नरेश कुमार यादव को प्रमाणपत्र सौंपा।
बस को खासतौर पर लंबी दूरी की यात्रा के लिए बनाया गया है। इसमें मजबूत ढांचा, आपात स्थिति में सुरक्षा और आग से बचाव जैसी सुविधाएं हैं। बस में यात्रियों की आवाजाही और आराम का भी ध्यान रखा गया है। बस के फुल स्लीपर मॉडल में 42 बर्थ हैं। वहीं, हाइब्रिड स्लीपर मॉडल में 21 बर्थ और 42 सीटें हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा के लिए यात्रियों को एक ही वाहन में बैठने और सोने दोनों की सुविधा मिलती है।
बस का परीक्षण सुरक्षा, ढांचे की मजबूती, यात्रियों की सुविधा और आराम से जुड़ी तय जरूरतों के आधार पर किया गया है। यह परीक्षण संबंधित ऑटोमोटिव मानकों और केंद्रीय मोटर वाहन नियमों के तहत हुआ।
एआईएस-119 और एआईएस-153 के तहत मिला यह प्रमाणपत्र दिखाता है कि आईसीएटी आधुनिक यात्री वाहनों का परीक्षण और प्रमाणन करने में सक्षम है। इससे वाहन कंपनियों को सुरक्षा और दूसरी जरूरी तकनीकी शर्तें पूरी करने में भी मदद मिलेगी।
आईसीएटी के निदेशक सौरभ दलेला ने कहा कि यह प्रमाणन केंद्र के लिए बड़ी उपलब्धि है। इससे उन्नत यात्री वाहनों के परीक्षण और प्रमाणन में आईसीएटी की तकनीकी क्षमता सामने आती है। उन्होंने कहा कि आईसीएटी यात्री सुरक्षा और तकनीकी विकास पर लगातार काम करता रहेगा। साथ ही, भारतीय ऑटोमोबाइल उद्योग को सुरक्षित और भरोसेमंद परिवहन समाधान विकसित करने में मदद करता रहेगा।
सिनाटी ऑटोमोटिव के प्रबंध निदेशक नरेश कुमार यादव ने प्रमाणन के लिए आईसीएटी का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे लंबी दूरी के यात्रियों के लिए सुरक्षित, भरोसेमंद और आरामदायक वाहन बनाने की कंपनी की कोशिशों को मजबूती मिलेगी।
आईसीएटी वाहन सुरक्षा, नियमों के पालन और नई तकनीक के लिए परीक्षण और प्रमाणन सेवाएं देता है। यह प्रमाणपत्र भारत में सुरक्षित और आधुनिक यात्री वाहनों के विकास की दिशा में एक और महत्वपूर्ण कदम है।







