पहाड़ी और ठंडे इलाकों में पाया जाने वाला सी बकथॉर्न (Sea Buckthorn) एक छोटा नारंगी रंग का फल है, जिसे पोषक तत्वों से भरपूर माना जाता है। भारत में यह विशेष रूप से हिमालयी क्षेत्रों में पाया जाता है।
सी बकथॉर्न के संभावित फायदे इस फल में मौजूद एंटीऑक्सीडेंट शरीर की कोशिकाओं को ऑक्सीडेटिव स्ट्रेस से बचाने में भूमिका निभा सकते हैं। इसके तेल का इस्तेमाल विशेष रूप से त्वचा की नमी बनाए रखने वाले उत्पादों में किया जाता है।
कुछ शोधों में सी बकथॉर्न को त्वचा और म्यूकस मेम्ब्रेन की सेहत, लिपिड प्रोफाइल तथा सूजन से जुड़े संकेतकों पर संभावित प्रभावों के लिए अध्ययन किया गया है। हालांकि इनमें से कई फायदों की पुष्टि के लिए अभी बड़े और उच्च गुणवत्ता वाले मानव अध्ययनों की जरूरत है।
त्वचा और बालों के लिए इस्तेमाल सी बकथॉर्न ऑयल कई स्किन और हेयर केयर प्रोडक्ट में पाया जाता है। इसमें मौजूद विटामिन E और फैटी एसिड के कारण इसे मॉइस्चराइजिंग उत्पादों में इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि संवेदनशील त्वचा वाले लोगों को सीधे तेल लगाने से पहले पैच टेस्ट करना चाहिए।
किसी त्वचा रोग का इलाज केवल इसके भरोसे नहीं करना चाहिए। कैसे किया जाता है इस्तेमाल? सी बकथॉर्न बाजार में जूस, पल्प, तेल, कैप्सूल और पाउडर जैसे कई रूपों में उपलब्ध है। खाद्य उत्पाद के रूप में इसे सीमित मात्रा में लिया जा सकता है। सप्लीमेंट की सही मात्रा उत्पाद की सांद्रता और व्यक्ति की स्वास्थ्य स्थिति पर निर्भर करती है, इसलिए कोई एक खुराक सभी के लिए सही नहीं मानी जा सकती।
सी बकथॉर्न जूस खरीदते समय उसमें मिलाई गई अतिरिक्त चीनी और लेबल पर दी गई सामग्री भी देखनी चाहिए। किन लोगों को सावधानी रखनी चाहिए? गर्भवती या स्तनपान कराने वाली महिलाओं, नियमित दवाएं लेने वाले लोगों और किसी गंभीर बीमारी से जूझ रहे व्यक्ति को सी बकथॉर्न सप्लीमेंट लेने से पहले डॉक्टर की सलाह लेनी चाहिए।







