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भिवंडी टीईटी पेपर लीक घोटाले का मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता बिहार से गिरफ्तार


शहर 25 July 2026
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भिवंडी टीईटी पेपर लीक घोटाले का मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता बिहार से गिरफ्तार

मुंबई, 25 जुलाई, । महाराष्ट्र की भिवंडी पुलिस स्टेशन की टीम ने शनिवार को तडक़े टीचर एलिजिबिलिटी टेस्ट (टीईटी) पेपर लीक मामले में कथित मास्टरमाइंड बिजेंद्र गुप्ता और उसके सहयोगी इंद्रजीत सिंह काे बिहार से गिरफ्तार किया है ।

इन दोनों को पुलिस भिवंडी ला रही है और आज ही दोनों को भिवंडी न्यायालय में पेश करने वाली है। इस मामले में इन दोनों की गिरफ्तारी के बाद अब तक कुल 14 आरोपितों की गिरफ्तारी हो चुकी है।

पुलिस के अनुसार, बिजेंद्र गुप्ता का नाम देश के कई राज्यों में सामने आए पेपर लीक मामलों से जुड़ा रहा है। वह पहले भी इसी तरह के मामलों में गिरफ्तार हो चुका था, लेकिन जमानत पर रिहा होने के बाद उसने कथित तौर पर फिर से ञ्जश्वञ्ज परीक्षा का प्रश्नपत्र लीक करने की साजिश रची।

भिवंडी के पुलिस उपायुक्त (जोन-2) पवन बंसोड़ ने मुख्य मास्टर माइंड बिजेंद्र गुप्ता और इंद्रजीत सिंह गिरफ्तारी की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस टीम पिछले तीन सप्ताह से लगातार बिजेंद्र गुप्ता की तलाश में जुटी थी। शनिवार सुबह उसे और उसके सहयोगी इंद्रजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया गया है। दोनों को भिवंडी लाया जा रहा है।

उल्लेखनीय है कि यह मामला 28 जून को आयोजित टीईटी परीक्षा से एक दिन पहले सामने आया था।

पुलिस को सूचना मिली थी कि भिवंडी में एक गिरोह लीक हुए प्रश्नपत्र बेचने वाला है। सूचना के आधार पर कोंनगांव पुलिस स्टेशन की टीम ने जाल बिछाकर तीन आरोपिताें को रंगेहाथ गिरफ्तार किया था। इसके बाद की जांच में एक संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ, जो परीक्षा के प्रश्नपत्र लीक करने और उम्मीदवारों को अनुचित तरीके से परीक्षा पास कराने का काम करता था।

जांच में यह भी सामने आया कि यह गिरोह कई राज्यों में सक्रिय था। पुलिस जांच के दौरान आगरा स्थित एक प्रिंटिंग प्रेस के दो कर्मचारियों को भी गिरफ्तार किया गया है। जांच एजेंसियों का मानना है कि बिजेंद्र गुप्ता ने कथित तौर पर इसी प्रिंटिंग प्रेस से लीक हुए प्रश्नपत्र हासिल किए थे। इससे पहले गुप्ता की पत्नी सुमन गुप्ता को भी बिहार के समस्तीपुर से गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के अनुसार, वह कथित तौर पर इस रैकेट के वित्तीय लेन-देन और लॉजिस्टिक व्यवस्था में सक्रिय भूमिका निभा रही थीं।

जांच के दौरान पुलिस ने कई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण, महत्वपूर्ण दस्तावेज और वित्तीय रिकॉर्ड भी जब्त किए हैं। जांच में यह भी सामने आया कि बिजेंद्र गुप्ता ने गिरफ्तार आरोपित कपिल दहिया के माध्यम से पुणे के एक व्यक्ति को लीक प्रश्नपत्र बेचने का सौदा किया था। यह आरोपित अभी भी फरार है और मामले में पुलिस को उसकी तलाश है। पुलिस का दावा है कि यह संदिग्ध करीब 50 शिक्षक अभ्यर्थियों के संपर्क में था, जो परीक्षा से पहले लीक प्रश्नपत्र खरीदने के इच्छुक थे।

इस मामले की छानबीन कर रहे पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिजेंद्र गुप्ता की गिरफ्तारी से पेपर लीक के असली स्रोत, पैसों के लेन-देन और इस पूरे नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों के बारे में महत्वपूर्ण जानकारी मिलने की उम्मीद है।

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