वित्त वर्ष 2025-26 में भारत का कुल निर्यात रिकॉर्ड 863.1 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुंच गया। सरकार ने कल संसद को सूचित किया कि यह उछाल वस्तुओं और सेवाओं दोनों के निर्यात में मजबूत वृद्धि और देश के मुक्त व्यापार समझौतों (एफटीए) के तहत विस्तारित बाजार पहुंच के समर्थन से प्रेरित था।
वाणिज्य एवं उद्योग मंत्रालय के अनुसार, माल निर्यात 441.8 अरब डॉलर रहा, जबकि सेवा निर्यात 421.3 अरब डॉलर तक पहुंच गया, जो देश की निर्यात वृद्धि में दोनों क्षेत्रों की संयुक्त मजबूती को दर्शाता है। मंत्रालय ने कहा कि भारत के हालिया व्यापार समझौतों ने निर्यात के अवसरों को काफी हद तक बढ़ाया है, विशेष रूप से संयुक्त अरब अमीरात (यूएई), यूनाइटेड किंगडम, ऑस्ट्रेलिया, ओमान और ईएफटीए देशों के साथ, साथ ही निर्यात बाजारों में विविधता लाने और श्रम-प्रधान क्षेत्रों को मजबूत करने में भी मदद की है।
मुक्त व्यापार समझौते (एफटीए) के साझेदारों में, वित्त वर्ष 2025-26 में आसियान देशों को माल का निर्यात सबसे अधिक 38.42 अरब डॉलर रहा, इसके बाद संयुक्त अरब अमीरात (यूए) का स्थान रहा (37.36 अरब डॉलर), फिर सैफ्टा देशों, ब्रिटेन और सिंगापुर का। मंत्रालय ने मूल प्रमाण पत्रों के बढ़ते उपयोग और व्यापक उत्पाद कवरेज के माध्यम से भारत के हाल ही में लागू किए गए व्यापार समझौतों के बढ़ते उपयोग पर प्रकाश डाला।







